दिल को हेल्दी कैसे रखें और कोलेस्ट्रॉल कैसे कम करें, पूरी गाइड (कोलेस्ट्रॉल और हार्ट ब्लॉकेज के आयुर्वेदिक उपाय)
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आजकल की भागदौड़ भरी ज़ि ंदगी में दि ल की बीमारि याँ और हाई कोलेस्ट्रॉल दोनों ही इतने आम हो गए हैं कि लगभग हर दूसरे घर में इनकी चर्चा सुनने को मि ल जाती है। खराब खान-पान, लगातार तनाव, नींद की कमी, एक्सरसाइज़ का समय न नि काल पाना, इन सबका नतीजा यह है कि अब कम उम्र में ही लोग हार्ट र्ट प्रॉब्लम्स से जूझने लगे हैं।लेकि न अगर सही जानकारी हो और कुछ छोटी-छोटी आदतें समय पर बदल ली जाएं, तो दि ल को स्वस्थ रखना, और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में लाना, दोनों ही मुमकि न है। हम वि वि स्तार से जानेंगे कि कि दि दि ल को स्वस्थ रखने के लि लि ए क्या करना चाहि हि ए,इससे पहले हम यह समझते ही की दि दि ल ओर कोलेस्ट्रॉल का क्या संबंध है,
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और कोलेस्ट्रॉल का आपस में क्या संबंध है?
जरा सोचि ए, हमारा दि ल कि तना मेहनती है की बि ना रुके, बि ना थके, चौबीसों घंटे खून पंप करता रहता है, पर अगर खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाए, खासकर LDL यानी "खराब कोलेस्ट्रॉल", तो यह धीरे-धीरे धमनि यों की दीवारों पर जमने लगता है। इसी जमाव को मेडि कल भाषा में प्लाक बि ल्डअप (Plaque Buildup) कहा जाता है, समय के साथ यही प्लाक दि ल की नलि यों को संकरा करता जाता है, और होता
यह है कि खून को बहने मे समस्या आने लगती है, फि र यही स्थि ति आगे चलकर दि ल की ब्लॉकेज और हार्ट र्ट अटैक की वजह बनती है, इसलि ए अगर आप वास्तव मे जानना चाहते हो कि दि ल को हेल्दी कैसे रखें, तो सबसे पहला कदम यही है,अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल पर नज़ र रखना।
हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण
ज़्यादातर मामलों में हाई कोलेस्ट्रॉल के शुरुआती लक्षण दि खते नहीं है, इसीलि ए इसे "साइलेंट कि लर" कहा जाता है। फि र भी कुछ लक्षण ही जि नको नजरअंदाज नहीं करना चाहि ए जैसे बार-बार थकान महसूस होना, हाथ-पैरों में झनझनाहट या सूनापन, सीने में हल्का दर्द र्द या भारीपन,सीढ़ि याँ चढ़ ते समय सांस फूलना, आंखों के आसपास पीले रंग के छोटे उभार, जि न्हें ज़ ैंथेलास्मा कहा जाता है,
हार्ट र्ट ब्लॉकेज क्यों होता है?
हार्ट र्ट ब्लॉकेज तब होता है जब हृदय तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाने वाली कोरोनरी आर्ट र्टरी (Coronary Artery) में धीरे-धीरे कोलेस्ट्रॉल, फैट, कैल्शि यम और दूसरे पदार्थ र्थ जमा होने लगते हैं। इस जमा पदार्थ र्थ को प्लाक (Plaque) कहा जाता है। समय के साथ यह प्लाक धमनि यों को संकरा कर देता है, जि सके कारण रक्त प्रवाह कम हो जाता है। और अगर यही ब्लॉकेज गंभीर हो जाए तो हार्ट र्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
हार्ट र्ट ब्लॉकेज के मुख्य कारण
● खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ ना
● अच्छा कोलेस्ट्रॉल (HDL) कम होना
● ट्राइग्लि ग्लि ग्लि सराइड्स का उच्च स्तर
● हाई ब्लड प्रेशर
● डायबि बि टीज
● धूम्रपान
● मोटापा
● व्यायाम की कमी
● अत्यधि धि क तनाव
● जंक फूड और ट्रांस फैट
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ल की नसों में ब्लॉकेज कैसे बनती है?
जब खून में LDL कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है, तो यह धीरे-धीरे धमनि नि यों की भीतरी परत पर जमा होना शुरू कर देता है। इसके साथ-साथ सूजन और कैल्शि ल्शि ल्शि यम भी जमा होते जाते हैं, जि जि ससे प्लाक और भी सख्त हो जाता है। नतीजा धमनि नि याँ संकरी होती चली जाती हैं और हृदय तक रक्त पहुँचना मुश्कि श्कि श्कि ल हो जाता है। इस पूरे प्रोसेस को दि दि ल की नसों में ब्लॉकेज कहा जाता है।
कोरोनरी आर्ट र्टरी डि जीज (CAD) क्या है?
कोरोनरी आर्ट र्टरी डि डि जीज एक ऐसी स्थि स्थि स्थि ति ति है जि जि समें हृदय की धमनि नि याँ संकरी हो जाती हैं या पूरी तरह ब्लॉक हो जाती हैं। दुनि नि याभर में हार्ट र्ट अटैक की सबसे बड़ ी वजहों में से एक यही मानी जाती है। हालांकि कि राहत की बात यह है कि कि अगर शुरुआती चरण में जीवनशैली में सुधार कर लि लि या जाए और समय पर सही इलाज मि मि ले, तो इसका जोखि खि म काफी हद तक कम कि कि या जा सकता है।
एंजि योप्लास्टी क्या है?
इस प्रक्रि क्रि या में एक पतली कैथेटर के ज़ रि रि ए ब्लॉक हुई धमनी तक पहुँचता है, और वहाँ एक छोटा बैलून फुलाया जाता है, और ज़ रूरत पड़ ने पर स्टेंट भी लगाया जाता है ताकि कि रक्त प्रवाह फि फि र से सामान्य हो सके।
अच्छा कोलेस्ट्रॉल (HDL) क्या है?
HDL यानी High-Density Lipoprotein को "अच्छा कोलेस्ट्रॉल" बोलने की एक ठोस वजह है यह धमनि नि यों से अति ति रि रि क्त कोलेस्ट्रॉल हटाकर वापस लि लि वर तक पहुँचाने का काम करता है। नि नि यमि मि त व्यायाम, संतुलि लि त आहार और स्वस्थ वज़ न बनाए रखना इन तीनों को साथ अपनाने से HDL का स्तर बेहतर बना रह सकता है।
ट्राइग्लि सराइड्स क्या हैं?
ट्राइग्लि ग्लि ग्लि सराइड्स खून में मौजूद वसा होती है। अगर इनका स्तर बढ़ जाए, तो सि सि र्फ र्फ हाई कोलेस्ट्रॉल ही नहीं, फैटी लि लि वर और हृदय रोग का खतरा भी बढ़ ने लगता है। ओर यह चीनी, मीठे पेय पदार्थ र्थ और प्रोसेस्ड फूड खाने का ही परि रि णाम होती है, इसलि लि ए हमेशा खाने पीने का ध्यान रखना चाहि हि ए,
क्या खाएं:
● दलि लि या
● हरी पत्तेदार सब्ज़ि ब्ज़ि ब्ज़ि यां
● सेब, अमरूद और संतरा
● बादाम और अखरोट
● अलसी के बीज
● दालें और साबुत अनाज
● कम वसा वाला भोजन
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चीज़ ों से बचें: तला हुआ भोजन, जंक फूड, ट्रांस फैट, अत्यधि धि क मि मि ठाइयां, कोल्ड ड्रि ड्रि ंक प्रोसेस्ड फूड, धूम्रपान, शराब,
कोलेस्ट्रॉल कम करने वाले फल
कुछ फल फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से इतने भरपूर होते हैं कि कि वे स्वस्थ आहार का हि हि स्सा बनकर हृदय स्वास्थ्य रखते हैं:
● सेब
● संतरा
● अमरूद
● बेरीज़
● अनार
● एवोकाडो
● नाशपाती
● नींबू
इन फलों को नि नि यमि मि त व्यायाम और संतुलि लि त भोजन के साथ जोड़ दि दि या जाए, तो नतीजे और भी बेहतर मि मि ल सकते हैं।
अब समझते है की आखि खि र दि दि ल का ध्यान कैसे रखें, और क्या हार्ट र्ट ब्लॉकेज प्राकृति ति क तरीके से ठीक हो सकता है?
कुछ प्राकृति ति क तत्वों मि मि श्रण सदि दि यों से आयुर्वे र्वेद और पारंपरि रि क स्वास्थ्य पद्दति ति यो में समग्र स्वास्थ्य और हृदय स्वास्थ्य के लि लि ए इस्तेमाल होता आया है। चलो समझते है इन 5 प्राकृति ति क तत्वों के बारे मे,
लहसुन (Garlic) और हृदय स्वास्थ्य
लहसुन का इस्तेमाल पारंपरि रि क चि चि कि कि त्सा में लंबे समय से हो रहा है। शोध बताते हैं कि कि नि नि यमि मि त मात्रा में लहसुन का सेवन रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल पर सकारात्मक असर डालता है।इसमे हृदय स्वास्थ्य मे सपोर्ट र्ट,रक्तचाप नि नि यंत्रण में सहायक, स्वस्थ कोलेस्ट्रॉल प्रबंधन में योगदान, एंटीऑक्सीडेंट गुण होते है,
अदरक (Ginger) और हृदय स्वास्थ्य
अदरक में प्राकृति ति क बायोएक्टि क्टि क्टि व यौगि गि क पाए जाते हैं,जो पाचन में सहायता, सूजन कम करने में मदद, सामान्य रक्त संचार का समर्थ र्थन, ओर इसका उपयोग संतुलि लि त भोजन के एक हि हि स्से के रूप में समग्र हृदय स्वास्थ्य को सहयोग करने के होता है,
नींबू (Lemon)और हृदय स्वास्थ्य
नींबू वि वि टामि मि न C और अन्य पौध-यौगि गि कों का एक अच्छा स्रोत है,वि वि टामि मि न C की पूर्ति र्ति र्ति करता है, एंटीऑक्सीडेंट समर्थ र्थन, स्वस्थ जीवनशैली का हि हि स्सा है,
शहद (Honey)और हृदय स्वास्थ्य
शहद मे एंजाइम्स ओर एंटीऑक्सीडेंट यौगि गि क होते है ओर यह सामान्य स्वास्थ्य के लि लि ए भी उपयोगी होता है
एप्पल साइडर वि वि नेगर (Apple Cider Vinegar)
एप्पल साइडर वि वि नेगर आजकल एक लोकप्रि प्रि य हेल्थ ड्रि ड्रि ंक है, और लंबे समय से स्वस्थ जीवन शैली का हि हि स्सा है। संतुलि लि त आहार और नि नि यमि मि त व्यायाम के साथ इसका सेवन पाचन,
समग्र स्वास्थ्य और हृदय स्वास्थ्य को सहारा देता है। साथ ही यह शरीर के प्राकृति ति क संतुलन को बनाए रखने और दैनि नि क स्वास्थ रूटीन को बेहतर बनाने में उपयोगी होता है।
अगर आप स्वस्थ जीवनशैली के साथ-साथ एक भरोसेमंद हर्ब र्बल सपोर्ट र्ट की तलाश में हैं, तो Herbal Daily Heart Health एक ऐसा HERBAL SOLUTION है जि जि समें पारंपरि रि क रूप से इस्तेमाल कि कि ए जाने वाले 5 प्राकृति ति क तत्व शामि मि ल कि कि ए गए हैं-
● लहसुन (Garlic)
● अदरक (Ginger)
● नींबू (Lemon)
● शहद (Honey)
● एप्पल साइडर वि नेगर (Apple Cider Vinegar)
इन तत्वों का इस्तेमाल हृदय स्वास्थ्य, पाचन और समग्र वेलनेस को सपोर्ट र्ट देने के लि लि ए वर्षों र्षों से होता आया है, यह स्वस्थ कोलेस्ट्रॉल स्तर, रक्त संचार और हृदय स्वास्थ्य को सपोर्ट र्ट करने के उद्देश्य से तैयार कि कि या गया है।
Herbal Daily Heart Health की प्रमुख वि शेषताएं
● प्राकृति ति क हर्ब र्बल सामग्री का मि मि श्रण
● Garlic, Ginger, Lemon, Honey और ACV का Mix Juice
● हृदय स्वास्थ्य और समग्र वेलनेस को सपोर्ट र्ट करने के उद्देश्य से तैयार
● स्वस्थ जीवनशैली के साथ उपयोग के लि लि ए उपयुक्त
● भारत में नि नि र्मि र्मि र्मित आयुर्वे र्वेदि दि क हर्ब र्बल सप्लीमेंट
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